Thursday, May 10, 2012
Friday, July 1, 2011
Sunday, July 4, 2010
हिमाकत
Sunday, April 4, 2010
विचार-गोष्टी

डा वेद प्रताप वैदिक जी की पुस्तक भाजपा , हिंदुत्व और मुसलमान विषय पर केन्द्रित विचार-गोष्टी का सञ्चालन करते हुए मुझे जो हर्ष हुआ उसकी मै व्याख्या नहीं कर सकती। विचार - गोष्टी में मंच पर बाएं से कैलाश सारंग जी, कार्यक्रम के अध्यक्ष मदन मोहन जोशी जी, मो आरिफ बेग, डॉ वेद प्रताप वैदिक एवं संस्था के संचालक सनत जैन।
Thursday, January 28, 2010
शांति
सुना है शांति नाम है उसका,
किसी से कोई गिला नहीं, न किसी से कोई शिकवा।
न मिलने का सुख, न बिछड़ने का दुःख।
फिर भी सोचा मिल लूं।
देखना चाहा दिखी नहीं,
लोगों से पूछा पर पता न पाया।
क्या तुमने उसे देखा है?
दिखे तो दिखाना, मिले तो मिलाना।
मेरा पता ले लो,
बताना बुलाया है।
हो सका तो निमंत्रण भेज दूंगी,
मेसेज करुँगी या ईमेल कर दूंगी।
मेरे घर का सीधा-सादा पता है।
न दाये मुड़ना न बांये जाना,
वहां से निकलकर इधर आ जाना।
मै कब से उसी शांति को खोजती हूँ,
उसकी हर पल बाट जोहती हूँ.
Wednesday, January 20, 2010
आया वसंत

आज विद्या देवी सरस्वती की पूजा है। मंदिरों और शालाओं मै पिछले कई दिनों से वसंतोत्सव मानाने की तैयारियां चल रही थी। प्रकृति की सुन्दरता का यह पर्व हर वर्ष धूमधाम से मनाया जाता है। पिली सरसों से खेत और पीले गेंदे के फूलों से बाग मनमोहक लगते हैं। आधुनिकता की भागदौड़ मै भी अनायास ही इन पर ध्यान चला जाता है। अब झूले और मेलो का कई निश्चित समय तो नहीं रहा, फिर भी मंदिर प्रांगन मै झूले डाले जाते है। ठण्ड के कम होने का एहसास तो कल रत से ही होने लगा है। आज केसरिया चावल विशेष रूप से बनाये jअ ते है।
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