Friday, July 1, 2011
Sunday, July 4, 2010
हिमाकत
Sunday, April 4, 2010
विचार-गोष्टी

Thursday, January 28, 2010
शांति
सुना है शांति नाम है उसका,
किसी से कोई गिला नहीं, न किसी से कोई शिकवा।
न मिलने का सुख, न बिछड़ने का दुःख।
फिर भी सोचा मिल लूं।
देखना चाहा दिखी नहीं,
लोगों से पूछा पर पता न पाया।
क्या तुमने उसे देखा है?
दिखे तो दिखाना, मिले तो मिलाना।
मेरा पता ले लो,
बताना बुलाया है।
हो सका तो निमंत्रण भेज दूंगी,
मेसेज करुँगी या ईमेल कर दूंगी।
मेरे घर का सीधा-सादा पता है।
न दाये मुड़ना न बांये जाना,
वहां से निकलकर इधर आ जाना।
मै कब से उसी शांति को खोजती हूँ,
उसकी हर पल बाट जोहती हूँ.
Wednesday, January 20, 2010
आया वसंत

Monday, January 18, 2010
हमारा जन-गन-मन
जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
पंजाब सिंध गुजरात मराठा
द्रविढ़ उत्कल बंग
विंध्य हिमांचल जमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तब शुभ नामे जागे
तब शुभ आशिष मांगे
गाये तब जय गाथा
जन गण मंगल दायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे जय हे जय हे
जय जयजय हे
आप सोच रहे होंगे की मै आपको जन गन मन क्यों सुना रही हूँ?
नही मै आपको यह बता रही हूँ की हमारा राष्ट्रगान विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान चुना गया है।